PDF, Large PDF, Multimedia, Meaning
| View this in: | |||||||||
|
This stotram is in शुद्ध दॆवनागरी (Samskritam). View this in सरल दॆवनागरी (हिंन्दी), with simplified anuswaras for easy reading.
रचन: त्यागराज
कूर्पु: श्री त्यागराजाचार्युलु
रागं: श्री
तालं: आदि
एन्दरो महानुभावुलु अन्दरिकी वन्दनमुलु
चन्दुरू वर्णुनि अन्द चन्दमुनु हृदयारवुन्दमुन
जूचि ब्रह्मानन्दमनुभविञ्चु वारेन्दरो महानुभावुलु
सामगान लोल मनसिज लावण्य
धन्य मुर्धन्युलेन्दरो महानुभावुलु
मानसवन चर वर सञ्चारमु नेरिपि मूर्ति बागुग पोगडने
वारेन्दरो महानुभावुलु
सरगुन पादमुलकु स्वान्तमनु सरोजमुनु समर्पणमु
सेयुवारेन्दरो महानुभावुलु
पतित पावनुडने परात्परुनि गुरिञ्चि
परमार्धमगु निज मार्गमुतोनु बाडुचुनु
सल्लापमुतो स्वर लयादि रागमुल देलियु
वारेन्दरो महानुभावुलु
हरिगुण मणिमय सरमुलु गलमुन
षोभिल्लु भक्त कोटुलिललो तेलिवितो चेलिमितो
करुण गल्गि जगमेल्लनु सुधा दृष्टिचे
ब्रोचुवारेन्दरो महानुभावुलु
होयलु मीर नडलु गल्ग्गु सरसुनि
सदा कनुल जूचुचुनु पुलक शरीरुलै
आनन्द पयोधि निमग्नुलै मुदम्बुननु यशमु
गलवारेन्दरो महानुभावुलु
परम भागवत मौनि वर शशि विभाकर सनक सनन्दन
दिगीश सुर किम्पुरुष कनक कशिपु सुत नारद तुम्बुरु
पवनसूनु बालचन्द्र धर शुक सरोजभव भूसुरवरुलु
परम पावनुलु घनुलु शाश्वतुलु कमल भव सुखमु
सदानुभवुलु गाक एन्दरो महानुभावुलु
नी मेनु नाम वैभवम्बुलनु
नी पराक्रम धैर्यमुल शान्त मानसमु नीवुलनु
वचन सत्यमुनु रघुवर नीयेड सद्भक्तियु जनिञ्चकनु
दुर्मतमुलनु कल्ग जेसिनट्टि नीमदि नेरिङ्गि
सन्तसम्बुननु गुण भजनानन्द कीर्तनमु जेयु
वारेन्दरो महानुभावुलु
भागवत रामायण गीतादि शृति शास्त्र पुराणपु मर्ममुलनु
शिवादि सन्मतमुल गूढमुलन्
मुप्पदि मुक्कोटि सुरान्तरङ्गमुल भावम्बुलनेरिगि
भाव राग लयादि सौख्यमुचे चिरायुवुल्गलिगि
निरवधि सुखात्मुलै त्यागराप्तुलैन
वारेन्दरो महानुभावुलु
प्रेम मुप्पिरि गोनु वेल नाममुनु दलचेवारु
रामभक्तुडैन त्यागराजनुतुनि
निज दासुलैनन वारेन्दरो महानुभावुलु
अन्दरिकी वन्दनमु-लेन्दरो महानुभावुलु
- त्यागराज कीर्तन सामज वर गमना
- त्यागराज पञ्चरत्न कीर्तन जगदानन्द कारक
- त्यागराज पञ्चरत्न कीर्तन समयानिकि तगु माटलाडेने
- त्यागराज पञ्चरत्न कीर्तन एन्दरो महानुभावुलु
- राम रक्षा स्तोत्रम्

