Devanagari,Sanskrit,Hindi

Krishnam Kalaya Sakhi – Devanagari

0 Comments 06 July 2012

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This stotram is in शुद्ध दॆवनागरी (Samskritam). View this in सरल दॆवनागरी (हिंन्दी), with simplified anuswaras for easy reading.
 

रचन: नारायण तीर्थ

रागं: मुखारि
तालं: आदि

कृष्णं कलय सखि सुन्दरं बाल कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

कृष्णं कथविषय तृष्णं जगत्प्रभ विष्णुं सुरारिगण जिष्णुं सदा बाल
कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

नृत्यन्तमिह मुहुरत्यन्तमपरिमित भृत्यानुकूलम् अखिल सत्यं सदा बाल
कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

धीरं भवजलभारं सकलवेदसारं समस्तयोगिधारं सदा बाल
कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

शृङ्गार रसभर सङ्गीत साहित्य गङ्गालहरिकेल सङ्गं सदा बाल
कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

रामेण जगदभिरामेण बलभद्ररामेण समवाप्त कामेन सह बाल
कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

दामोदरम् अखिल कामाकरङ्गन श्यामाकृतिम् असुर भीमं सदा बाल
कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

राधारुणाधर सुतापं सच्चिदानन्दरूपं जगत्रयभूपं सदा बाल
कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

अर्थं शितिलीकृतानर्थं श्री नारायण तीर्थं परमपुरुषार्थं सदा बाल
कृष्णं कलय सखि सुन्दरं

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